चाइल्ड रोल में तो रहे हिट मगर लीड रोल में फ्लॉप रहे ये बॉलीवुड एक्टर्स, देखिये कौन है यह

चाइल्ड रोल में तो रहे हिट मगर लीड रोल में फ्लॉप रहे ये बॉलीवुड एक्टर्स, देखिये कौन है यह


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बॉलीवुड की दुनिया एक ऐसी दुनिया है जिसमें कुछ ही लोग सफल होते हैं। हालाँकि रंगीन पर्दे पर आना तो सम्पूर्ण भारत चाहता है, मगर सपने हर एक के भी तो सच नहीं होते। कुछ ऐसे एक्टर और एक्ट्रेसेस भी बॉलीवुड में है, जो रंगीन पर्दे पर उनके जवान होने के पहले यानी अपने बचपन में ही बतौर चाइल्ड एक्टर के तौर पर शुरुआत कर दी थी। इनमें से कुछ विरलय ही ऐसे कलाकार है जो जो बचपन से लेकर जवानी तक सिर्फ और सिर्फ सफलता का ही स्वाद चखते आ रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं अपनी मासूम मुस्कान और धमाकेदार एक्टिंग के ज़रिये दर्शकों के दिलों में अपनी एक खास जगह बनाने में भी कामयाब हो रहे हैं। फिर बात आमिर खान की कर लो या फिर ऋतिक रोशन की यह सब उन्हीं श्रेणी में आते हैं।

मगर आज हम जिनके बारे में बात करने जा रहे हैं वे उन सितारों की श्रेणी में हैं जो बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में फिल्मों में काम किया। उनके काम को काफी सराहा भी गया। मगर वे ही कलाकार जब बड़े हुए और रंगीन पर्दे का हिस्सा बने तो उन्हें दर्शकों ने पसंद नहीं किया। उनकी फिल्मे बुरी तरह बॉक्स ऑफिस पर पिटी। आइये जानते हैं कौन है वे   

इमरान खान

इस कड़ी में सबसे पहला नाम आता है, बॉलीवुड के सुपर स्टार आमिर खान के भांजे इमरान खान की।आपको बता दें एक्टर इमरान खान ने अपने मामा आमिर खान की ही फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘जो जीता वही सिकन्दर’ में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम कर चुके हैं। मगर जब वे एक्टर बनने के लायक हुए और ‘किडनैप’, ‘लक’, ‘गौरी तेरे प्यार में’ जैसी फिल्मों में काम किया तो यह फिल्में जबरदस्त फ्लॉप साबित हुई।  

हंसिका मोटवानी

हंसिका मोटवानी को कौन नहीं जानता एक समय था जब हंसिका बाल अभिनय के ज़रिये हर हिन्दुस्तानी टेलीविजन में दस्तक देती थी। दिर्फ़ इतना ही नहीं लोगों ने भी उन्हें काफी सराहा इसके साथ साथ हवा’, ‘कोई मिल गया’, ‘जागो’ जैसी फिल्मों में भी हंसिका ने बतौर चाइल्ड एक्टर के रूप में काम कियाहंसिका मोटवानी आज तमिल और तेलुगू फिल्मों का एक बड़ा नाम है। हाँ किन्तु बॉलीवुड में उन्हें भी सफलता प्राप्त नहीं हो पाई। 

कुणाल खेमू

'हम है राही प्यार के’ , ‘राजा हिंदुस्तानी’ , ‘भाई’ , ‘जुड़वाँ’ जैसी सुपर हिट फिल्मों का चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर हिस्सा रहे कुणाल खेमू ने  अपने अभिनय का जलवा खूब बिखेरा मगर  कुणाल खेमू ने बड़े होकर ‘ढोल’, ‘ट्रैफिक सिग्नल’, ‘धमाल’ जैसी फिल्मों में काम किया। फ़िल्में ठिक ठाक रही  मगर वो बात नहीं बन पाई।

सना सईद

सना किसी पहचान की मौहताज नहीं है ‘कुछ कुछ होता है’ में शाहरुख और रानी की बेटी का किरदार निभाने वाली सना सईद ने हर एक को अपनी मासूमियत से घायल किया। हालाँकि बड़े होने के बाद ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ और फुगली जैसी फिल्मों में काम किया है, लेकिन दर्शकों द्वारा उन्हें कुछ खास पसंद नहीं किया गया।

 

उर्मिला मार्तोंडकर

कलयुग (1981) और मासूम (1983) में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करने वाली वाली उर्मिला ने भी बड़े होकर फिल्मों में अपनी किस्मत अजमाई। मगर एक हीरोइन के रूप में उर्मिला को वो सफलता नहीं मिल सकी जो उन्हें बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट मिली थी। हालाँकि उर्मिला ने ‘रंगीला’, ‘सत्या’, ‘जुदाई’ जैसी फिल्मों में जबरदस्त अभिनय करके अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुकी है।

जुगल हंसराज

आपको जानकर हैरानी होगी कि महज़ 8 वर्ष की उम्र में जुगल हंसराज ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। 1983 में रिलीज हुयी फिल्म ‘मासूम’ में उन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम किया था। मगर जब वे एक  हीरो के रोल में फिल्मी पर्दे पर आए तो दर्शकों ने उन्हें पसंद नहीं किया।

ओंकार कपूर

जुड़वा’, ‘हीरो नंबर वन’ और जुदाई जैसी सुपर हिट फिल्म में बाल अभिनेता के रूप में अपने अभिनय का जलवा बिखेरने वाले ओंकार कपूर को आपने प्यार का पंचनामा 2 फिल्म में देखा होगा। हालंकि इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को कुछ खास पसंद नहीं किया गया।

आफताब शिवदासानी

 ‘शहंशाह’ , ‘चालबाज’, ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी फिल्मों के ज़रिये आफताब शिवदासानी ने भी चाइल्ड एक्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। लेकिन हीरो के रोल में उन्हें बिलकुल पसंद नहीं किया